भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) के तहत 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। राज्य में अब कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 71,58,949 हो गई है। 14 जुलाई 2026 को जारी ड्राफ्ट नामावली (71,33,785) की तुलना में अंतिम सूची में कुल 25,164 नए मतदाता जुड़े हैं।
अंतिम सूची के अनुसार राज्य में पुरुष मतदाताओं की संख्या 37,37,701 और महिला मतदाताओं की संख्या 34,21,036 दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य में कुल 212 थर्ड जेंडर (TG) मतदाता पंजीकृत हैं।

जिलों की स्थिति
शीर्ष जिले: हरिद्वार 12,45,458 मतदाताओं के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। इसके बाद देहरादून में 11,94,797 और उधम सिंह नगर में 11,47,030 मतदाता पंजीकृत हैं।
कम मतदाता वाले जिले: रुद्रप्रयाग जिले में सबसे कम 1,82,436 मतदाता हैं, जबकि चंपावत में 1,90,988 और बागेश्वर में 2,05,689 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
छूटे हुए पात्रों और युवाओं के लिए चलेगा विशेष अभियान
निर्वाचन आयोग द्वारा 29 सितंबर और 1 अक्टूबर को जारी नवीन दिशा-निर्देशों के तहत वंचित वर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है:
- श्रमिकों व बेघरों के लिए शिविर: रैन बसेरों (Night Shelters), प्रवासी श्रमिकों और बेघर नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए विशेष हेल्प डेस्क व कैंप लगाए जाएंगे।
- घर-घर सत्यापन (H2H Drive): बीएलओ (BLO) पुरानी और वर्तमान सूची का मिलान करेंगे। छूटे हुए और 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं से मौके पर ही फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।
- साप्ताहिक लक्ष्य: बीएलओ को प्रति सप्ताह कम से कम 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि एक माह के भीतर यह कवायद पूरी हो सके।

