उत्तराखंड सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर में डेयरी एनालॉग (नकली पनीर व दूध जैसे दिखने वाले गैर-दुग्ध उत्पादों) के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
FDA आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार ऐसे उत्पाद, जो वास्तविक दूध से निर्मित नहीं हैं या जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया है, अब उत्तराखंड में नहीं बेचे जा सकेंगे। उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली लेबलिंग और पैकेजिंग वाले उत्पाद भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे।
हालांकि, फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे FSSAI के मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। आदेश राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगा और एक वर्ष अथवा FSSAI द्वारा अंतिम मानक जारी किए जाने तक लागू रहेगा।


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