राजस्व बढ़ाने को एक्शन प्लान तैयार; लक्जरी EV पर खत्म होगी सब्सिडी, AI से पकड़ी जाएगी टैक्स चोरी, वर्चुअल रजिस्ट्री और ग्रीन सेस पर भी बड़े फैसले !!

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026–27 में राजस्व लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए कमर कस ली है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राजस्व संग्रह की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में सामने आया कि 31 जुलाई 2026 तक राज्य के कुल ₹67,526 करोड़ के राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष ₹17,743 करोड़ (26%) और राज्य के स्वयं के राजस्व लक्ष्य ₹25,219 करोड़ के सापेक्ष ₹8,299 करोड़ (32%) की वसूली हो चुकी है। राजस्व में तेजी लाने के लिए सरकार ने लक्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों से सब्सिडी हटाने, एआई के जरिए टैक्स चोरी रोकने और वर्चुअल रजिस्ट्री जैसे कई बड़े सुधारात्मक कदमों पर मुहर लगाई है।

बैठक के प्रमुख फैसले और विभागवार स्थिति

लक्जरी ईवी पर सब्सिडी होगी समाप्त: परिवहन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि ₹1,703 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अभी गतिमान वित्तीय वर्ष के 4 माह में ₹530 करोड़ (31%) की वसूली हुई है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी के चलते ₹74 करोड़ के राजस्व की हानि हुई है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी लक्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाए और इसका प्रस्ताव मंत्रिमंडल में रखा जाए। साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने के लिए सभी एंट्री प्वाइंट्स पर ANPR (ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे।

AI से पकड़ी जाएगी टैक्स चोरी: वाणिज्य कर (GST) में ₹12,200 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अभी गतिमान वित्तीय वर्ष के 4 माह में ₹3,830 करोड़ (31%) प्राप्त हुए हैं। टैक्स चोरी रोकने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से आगामी 5–6 महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा। यह सिस्टम उद्योगों की बिजली खपत, रियल एस्टेट और आयकर डेटा का मिलान कर लीकेज चिह्नित करेगा।

3 से 5 माह में शुरू होगी वर्चुअल रजिस्ट्री: स्टांप व रजिस्ट्रेशन विभाग में ₹3,092 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष ₹1,143 करोड़ (37%) राजस्व मिला है। हालांकि कुल रजिस्टर्ड दस्तावेजों की संख्या में 5 से 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मुख्य सचिव ने 3 से 5 माह में वर्चुअल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू करने और समान नागरिक संहिता (UCC) पोर्टल को सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों से जोड़कर वसीयत पंजीकरण सुगम बनाने के निर्देश दिए।

आबकारी में 355 करोड़ के पुराने बकाये की होगी वसूली: आबकारी विभाग ने ₹5,384 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अभी गतिमान वित्तीय वर्ष के 4 माह में ₹1,623 करोड़ (30%) राजस्व एकत्र किया है। वर्ष 2016-17 से लंबित ₹355 करोड़ के बकाये को तत्काल वसूलने के आदेश दिए गए। प्रदेश में स्थानीय फलों से बनी वाइनरी स्थापित करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनाई जाएगी। उसके अतिरिक्त बाजार में हर तरह के ब्रांड उपलब्ध रहे इस पर भी आबकारी विभाग को निर्देश दिए।

खनन व वन विभाग की रणनीति: खनन विभाग के ₹1,500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले अभी गतिमान वित्तीय वर्ष के 4 माह में ₹267 करोड़ ही मिल सके हैं। रॉयल्टी दरें संशोधित होने से आगे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, गौला, नंदौर और दाबका नदियों में खनन पट्टों के नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।


वाटर टैक्स के नुकसान की भरपाई: ऊर्जा विभाग में जल संस्थान/सिंचाई विभाग द्वारा वसूले जाने वाले वाटर टैक्स पर अदालत के आदेश के बाद वसूली प्रभावित हुई है। इसकी भरपाई के लिए आम जनता पर अतिरिक्त भार डाले बिना इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।