शिक्षा विभाग में इस बार नहीं होगा सुगम-दुर्गम का फार्मूला, अनुरोध व मेडिकल आधार पर होंगे तबादले !!

उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में इस वर्ष होने वाले तबादलों में सुगम-दुर्गम क्षेत्र में सेवावधि का प्रावधान लागू नहीं होगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस बार स्थानांतरण केवल अनुरोध और मेडिकल आधार पर किए जाएंगे। इसकी प्रमुख वजह सुगम-दुर्गम स्थानांतरण नीति को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामला है।

हाल ही में उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की सुगम-दुर्गम स्थानांतरण नीति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे तर्कसंगत आधार से रहित और अप्रभावी बताया था। इसी के चलते विभाग ने इस बार दुर्गम व सुगम सेवावधि के आधार पर स्थानांतरण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार नई स्थानांतरण नीति लागू नहीं करती और उत्तराखंड उच्च न्यायालय में लंबित वाद का अंतिम निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक शिक्षा विभाग में तबादले अनुरोध और मेडिकल आधार पर ही किए जाने की व्यवस्था जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों का मानना है कि न्यायालय के अंतिम निर्णय और नई नीति के बाद ही सुगम-दुर्गम क्षेत्र में सेवावधि आधारित स्थानांतरण व्यवस्था पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

उधर, राज्य सरकार का सामान्य स्थानांतरण सत्र आज मंगलवार को समाप्त हो जाएगा। हालांकि, शिक्षा विभाग में तबादलों की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने स्थानांतरण सत्र की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजा है, ताकि लंबित मामलों का निस्तारण किया जा सके। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि शासन ने ही सामान्य सत्र के अनुसार तबादला करने की अनुमति 24 जून को दी थी।

सूत्रों के मुताबिक, कार्मिक विभाग द्वारा प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यदि शासन से अनुमति मिलती है तो शिक्षा विभाग को स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। फिलहाल शिक्षक और कर्मचारी शासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।