उत्तराखंड जेल नियमावली में बड़ा बदलाव: अब तीन बार सजा मिलने पर ही माना जाएगा आदतन अपराधी

उत्तराखंड सरकार ने कारागार नियमावली, 2023 में बड़ा बदलाव किया है। नवीन अधिसूचना के अनुसार अब किसी व्यक्ति को आदतन अपराधी (Habitual Offender) तभी माना जाएगा, जब उसे अनुसूची में शामिल अपराधों में तीन अलग-अलग मामलों में जेल की सजा हो चुकी हो। साथ ही, ये सजाएं अपील या पुनरीक्षण में रद्द नहीं हुई होनी चाहिए।

पहले किसी व्यक्ति के आपराधिक रिकॉर्ड, चोरी जैसे मामलों में बार-बार शामिल होने या अपराधी गिरोह से संबंध जैसी परिस्थितियों के आधार पर भी उसे आदतन अपराधी माना जा सकता था। जेल प्रशासन के पास इस संबंध में विवेकाधिकार भी था।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब केवल अदालत द्वारा दी गई दोषसिद्धि और सजा ही इसका आधार होगी। यानी यदि किसी व्यक्ति को तीन अलग-अलग मामलों में सजा नहीं हुई है, तो उसे आदतन अपराधी की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस बदलाव से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और न्यायिक रिकॉर्ड पर आधारित होगी। साथ ही, केवल संदेह या आपराधिक प्रवृत्ति के आधार पर किसी को आदतन अपराधी घोषित नहीं किया जा सकेगा।