MBBS दाखिलों में कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद देहरादून जिला प्रशासन ने अब कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के स्तर पर भी सख्ती शुरू कर दी है। जिले में संचालित कई जनसेवा केंद्रों पर प्रशासन की ओर से छापेमारी और औचक निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। अनियमितता मिलने पर कुछ केंद्रों को सीज किया गया है, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुछ संचालकों की आईडी निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई है।

MBBS प्रकरण में जिला प्रशासन की जांच के दौरान स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्रों में गंभीर विसंगतियां सामने आई थीं। चार मामलों में प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें निरस्त किया गया और इन प्रमाणपत्रों के आधार पर लिए गए MBBS दाखिले भी रद्द किए गए।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ प्रशासन और पुलिस का फोकस ऑनलाइन आवेदन की पूरी डिजिटल ट्रेल पर भी है। आवेदन किसने किया, दस्तावेज किस स्तर पर अपलोड हुए और प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया में किन स्तरों पर सत्यापन हुआ, इसकी पड़ताल की जा रही है।

ऐसे में CSC सेंटरों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बड़ी संख्या में सरकारी सेवाओं और प्रमाणपत्रों से जुड़े ऑनलाइन आवेदन इन केंद्रों के माध्यम से किए जाते हैं। प्रशासन अब यह भी देख रहा है कि कहीं किसी केंद्र से गलत दस्तावेजों के आधार पर आवेदन तो नहीं कराए गए या निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत किसी व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं हुआ।

प्रशासन की कार्रवाई का संदेश साफ है कि सरकारी प्रमाणपत्रों और संवेदनशील दस्तावेजों से जुड़े काम में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


