उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। इसी क्रम में अब नवंबर माह में कार्यकाल पूरा कर रहे नरेश बंसल की राज्यसभा सीट को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार सितंबर माह के आसपास इस सीट के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायकों की मजबूत संख्या को देखते हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा आलाकमान इस बार किस चेहरे पर भरोसा जताएगा।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वर्तमान में उत्तराखंड से भाजपा के तीन राज्यसभा सांसदों में महेंद्र भट्ट गढ़वाल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जबकि कल्पना सैनी को मैदानी और हरिद्वार क्षेत्र का चेहरा माना जाता है। ऐसे में अब रिक्त होने जा रही सीट पर कुमाऊं मंडल से किसी बड़े नेता को मौका दिए जाने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज है।
साथ ही यह भी माना जा रहा है कि पार्टी मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के करीबी किसी चेहरे को राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि दूसरी ओर एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो मानता है कि भाजपा इस बार भी नरेश बंसल (Naresh Bansal) को दोबारा मौका दे सकती है।
इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि हाल ही में प्रेमचंद अग्रवाल के कैबिनेट से बाहर होने के बाद यदि नरेश बंसल को भी संवैधानिक पद से हटाया जाता है तो प्रदेश में वैश्य समाज का बड़ा राजनीतिक प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा। ऐसे में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधना भाजपा नेतृत्व के लिए चुनौती माना जा रहा है।
फिलहाल राज्यसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन दावेदारों को लेकर राजनीतिक कयासबाजी ने अभी से ही जोर पकड़ लिया है।

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