भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की नई पहल, धामी सरकार ने पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल को बनाया UKPSC का अध्यक्ष, शिक्षण संस्थान के अनुभवी प्रशासक को बनाया गया सदस्य !!

उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शासन ने भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गजेन्द्र जोशी को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC), हरिद्वार का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी अधिसूचना के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल जोशी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से छह वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, आयोग के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।

इसके साथ ही आयोग में अनुभवी और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हीं में हेम चंद्र पांडे, जो वर्तमान में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज (BIAS), भीमताल (नैनीताल) में रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं, को आयोग का सदस्य बनाया गया है। उच्च शिक्षा एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों के बाद सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के प्रयास कर रही है। ऐसे में सेना की पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को आयोग की कमान सौंपे जाने को अनुशासन, जवाबदेही और निष्पक्षता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

सरकार को उम्मीद है कि नए अध्यक्ष और अनुभवी सदस्यों के नेतृत्व में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय तरीके से संचालित करेगा, जिससे युवाओं का आयोग पर भरोसा और मजबूत होगा।