वर्षों से मैदानी जिलों में जमे सरकारी डॉक्टरों को चढ़ाया गया पहाड़, करीब 300 चिकित्सकों के तबादले, 252 नए डॉक्टरों की भी तैनाती, देहरादून से भी करीब 80 MO को भेजा गया पहाड़ !!

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए करीब 300 सरकारी चिकित्सकों के तबादले कर दिए हैं। इस कार्रवाई में कई वर्षों से देहरादून, हरिद्वार समेत मैदानी जिलों में तैनात चिकित्सा अधिकारियों (MO) को अब पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में भेजा गया है। अकेले देहरादून से करीब 80 चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है।

सरकार ने स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने को प्राथमिकता दी है। जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), आईसीयू और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है, ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर और समग्र उपचार मिल सके।

इसके साथ ही प्रदेश में 252 नव नियुक्त चिकित्सकों को भी विभिन्न जिला चिकित्सालयों, सीएचसी, पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया गया है। इनकी नियुक्ति में भी पर्वतीय, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

सरकार का कहना है कि स्थानांतरण उत्तराखंड स्थानांतरण अधिनियम की धारा 7 और 10 के तहत किए गए हैं। वहीं, लंबे समय से प्रशासनिक कार्यों में लगे कुछ चिकित्सकों को भी दोबारा अस्पतालों में तैनात किया गया है, ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ सीधे मरीजों को मिल सके।

सरकार का दावा है कि इस बड़े फेरबदल और नई नियुक्तियों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ होंगी और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।