कैबिनेट फैसले के बाद पूर्व अग्निवीरों के लिए इन भर्तियों में 10% आरक्षण का शासनादेश जारी !!

उत्तराखंड सरकार द्वारा पूर्व अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण देने के कैबिनेट निर्णय के बाद अब इसका आधिकारिक शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार “उत्तराखंड, राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026” तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

इस नए शासनादेश के तहत उत्तराखंड के मूल या स्थायी निवासी पूर्व अग्निवीरों को राज्य की समूह ‘ग’ की सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा संस्तुत पूर्व अग्निवीरों को सीधी भर्ती में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों को भारतीय सेना में की गई उनकी कुल सेवा अवधि के बराबर अधिकतम आयु सीमा में छूट भी मिलेगी, जो कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलने वाली प्रचलित आयु छूट के अतिरिक्त होगी।

यह व्यवस्था राज्य के विभिन्न प्रमुख विभागों के समूह ‘ग’ वर्दीधारी पदों पर लागू की गई है। इसमें गृह विभाग के पुलिस आरक्षी (नागरिक पुलिस, पीएसी, आईआरबी), अग्निशामक और बंदी रक्षक के पद शामिल हैं। इसके अलावा वन विभाग के वन आरक्षी एवं स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स, आबकारी विभाग के आबकारी सिपाही, परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही तथा सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिवालय रक्षक के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को इस आरक्षण और रियायतों का लाभ मिलेगा। यह शासनादेश सचिव शैलेश बगौली द्वारा राज्यपाल की आज्ञा से आधिकारिक रूप से जारी किया गया है।