IAS के झंडे की ठसक और बेकरी की ललक, जिस IAS के झंडे से झाड़ा रौब, उसी ने कराई सड़क पर सार्वजनिक फजीहत, झंडे से हुई सचिव साहब के गाड़ी की पहचान !!

राजधानी के पॉश इलाके में अफसरों की ‘साहबियत’ और वीआईपी कल्चर का एक और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। दिलकश शाम के वक्त शहर की सबसे व्यस्त राजपुर रोड पर जब आम जनता भीषण जाम में हलकान हो रही थी, तब शासन के ‘सचिव साहब’ प्रसिद्ध एल्लोरा बेकरी के भीतर बेफिक्र होकर लजीज बेकरी उत्पादों का स्वाद चख रहे थे। बाहर सड़क पर उनकी चमचमाती सरकारी इनोवा ऐसे अड़ी खड़ी थी, मानो वह मुख्य सड़क न होकर साहब का निजी गैराज हो।

सड़क बनी निजी पार्किंग, बिलबिलाए राहगीर –

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यस्त समय में जब राजपुर रोड पर गाड़ियों का भारी दबाव था, तभी सचिव साहब की इनोवा बेकरी के ठीक सामने आड़ी-तिरछी आकर रुक गई। चालक ने गाड़ी को व्यवस्थित किनारे लगाने तक की जहमत नहीं उठाई। चंद मिनटों के भीतर ही पीछे वाहनों का लंबा रेला लग गया। दोपहिया से लेकर चारपहिया सवार हॉर्न बजाते रहे, लोग जाम में जूझते रहे, लेकिन अंदर साहब का बेकरी प्रेम बदस्तूर जारी रहा।

शान-ओ-शौकत का प्रतीक ही बना फजीहत का सबब –

दिलचस्प बात यह रही कि जिस झंडे के सहारे सड़क पर ‘उच्च कोटि का आईएएस अधिकारी’ होने का रौब झाड़ा जा रहा था, सार्वजनिक किरकिरी के वक्त वही अफसर की पहचान का पुख्ता जरिया बन गया। दरअसल, गाड़ी के आगे ‘आईएएस एसोसिएशन’ का खास झंडा शान से लहरा रहा था।

सचिवालय से लेकर प्रशासनिक गलियारों में यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पूरे उत्तराखंड में अकेले यही खास ‘सूट-बूट’ वाले साहब हैं, जो अपनी गाड़ी पर इस किस्म का झंडा लगाकर घूमना अपनी विशिष्ट पहचान मानते हैं। अब सड़क पर मचे इस ड्रामे और साहब की बेपरवाही की चर्चा दून के हर चौराहे पर चटखारे लेकर की जा रही है।