राज्य में विभिन्न श्रेणियों की भूमि के विनियमितीकरण से जुड़े मामलों पर सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस संबंध में गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की हाल ही में आयोजित हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सहमति बनी। बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने की।
बैठक में पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा समेत वन, राजस्व और न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। राजस्व विभाग की ओर से राज्य की विभिन्न श्रेणियों की भूमि से जुड़े प्रकरणों का प्रस्तुतीकरण किया गया।
बैठक में नैनीताल जनपद की नगर पंचायत लालकुआं में अवैध कब्जाधारकों और पट्टाधारकों को संक्रमणीय अधिकार दिए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके अलावा देहरादून जनपद के जौनसार-भाबर क्षेत्र में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण को लेकर पूर्व में जारी शासनादेश, जिसकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है, उसे वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाने की संस्तुति की गई। इसके बाद संबंधित भूमि का विनियमितीकरण तत्समय प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार किए जाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट के तहत दिए गए पट्टों के विनियमितीकरण पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2019 में जारी शासनादेश की अवधि समाप्त होने के बाद अब मामले के सभी विधिक पहलुओं का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने की संस्तुति दी गई है।
इसके अलावा श्रेणी-6(2) और श्रेणी-15(2) के अंतर्गत चिह्नित आबादी की भूमि पर काबिज पट्टेदारों और अवैध कब्जाधारकों के विनियमितीकरण को लेकर भी विधिक पहलुओं पर विचार करते हुए आगे कार्रवाई करने पर सहमति बनी।
राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बैठक में जिन प्रकरणों में सहमति बनी है उन प्रकरणों को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा, इन प्रकरणों में अंतिम मुहर / निर्णय कैबिनेट द्वारा ही लिया जाएगा।

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