वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती ईंधन कीमतों और आयात निर्भरता के बीच उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा संरक्षण, ईंधन बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव की ओर से सभी प्रमुख सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने साफ किया है कि कोविड महामारी के बाद उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों, रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसका असर ईंधन, खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की लागत पर पड़ा है। इसी को देखते हुए शासन स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
सरकारी बैठकों में वर्चुअल सिस्टम को बढ़ावा – सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही अधिकारियों की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। निजी क्षेत्र में भी वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।
सरकारी वाहनों में कटौती, AC तापमान तय – शासन ने वाहनों के उपयोग में कटौती के निर्देश देते हुए सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने पर जोर दिया है। सरकारी और निजी भवनों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रखने को कहा गया है। अनावश्यक रोशनी और सजावटी लाइटिंग पर नियंत्रण के भी निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन के बेहतर उपयोग, बस सेवाओं की क्षमता बढ़ाने और सरकारी कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है।
EV और कारपूलिंग पर विशेष फोकस – राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क विस्तार पर जोर दिया गया है। वहीं शहरों में कारपूलिंग और कर्मचारी बस सेवा शुरू करने पर विचार करने को कहा गया है। सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” अभियान चलाने और साइकिल लेन विकसित करने का सुझाव भी शासन ने दिया है।
विदेशी यात्राओं पर रोक, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा – सरकार ने गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं को सीमित करने के निर्देश दिए हैं। “Visit My State / Holiday in India” अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है। धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के प्रचार-प्रसार पर भी जोर रहेगा।
डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने और सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था मजबूत करने की बात भी आदेश में शामिल है।
“Made in Uttarakhand” अभियान को बढ़ावा
स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए “Made in Uttarakhand” सेक्शन विकसित करने की बात कही गई है। ONDC, Amazon Karigar और Flipkart Samarth जैसे प्लेटफॉर्म से MSMEs और स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने पर भी विचार किया जाएगा।
सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का सख्ती से पालन कराने और आयात विकल्प वाले उत्पादों की पहचान कर स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य तेल और उर्वरक उपयोग कम करने की तैयारी
सरकार ने खाद्य तेल की खपत घटाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, स्कूलों-अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करने और होटल-ढाबों को “लो ऑयल मेन्यू” अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही है।
इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, जीरो बजट फार्मिंग और बायो-इनपुट्स को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को प्रशिक्षण देने, बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित करने और उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विशेष फोकस रहेगा।
सोने की खरीद कम करने की अपील
शासन ने नागरिकों से एक वर्ष तक नई सोने की खरीद सीमित करने की अपील पर भी विचार करने की बात कही है। पुराने आभूषणों के पुनः उपयोग और रीडिजाइन सेवाओं को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है।
सौर ऊर्जा और बायोगैस परियोजनाओं को गति
PM सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने, नेट मीटरिंग अनुमोदन में तेजी लाने और कंप्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों के ठोस कचरे को CBG फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करने पर भी जोर दिया गया है।
वीआईपी काफिलों और सरकारी खर्चों पर भी सख्ती
मुख्य सचिव ने वीआईपी काफिलों और सरकारी वाहनों की संख्या कम करने, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन उपयोग के लिए प्रेरित करने और गैर-जरूरी सरकारी खर्चों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।






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