हाईटेक होगी उत्तराखंड पुलिस की ट्रेनिंग, अब विशेषज्ञों के साथ NIELIT देगा तकनीकी प्रशिक्षण, सिपाही से उपाधीक्षक तक की सीधी भर्ती की ट्रेनिंग में बदलाव, हाल ही में 2000 कॉन्स्टेबल ट्रेनिंग में भी दिखेगा इसका असर !!

उत्तराखंड में पुलिस भर्ती और प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि अब पुलिस उपाधीक्षक (DSP) से लेकर कॉन्स्टेबल तक की सीधी भर्ती में प्रशिक्षण विशेषज्ञों के माध्यम से कराया जाएगा।

अब तक पुलिस मुख्यालय अपने स्तर पर ही ट्रेनर, प्रोफेसर और इंस्ट्रक्टर तैनात करता था, जिन पर अक्सर प्रशिक्षण को औपचारिकता तक सीमित रखने के आरोप लगते रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और साइबर अपराध के जानकार विशेषज्ञ रंगरूटों को प्रशिक्षण देंगे।

वर्तमान में तकनीकी विकास के साथ अपराध भी जटिल होते जा रहे हैं। ऐसे में आपराधिक घटनाओं के बाद इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी विश्लेषण की आवश्यकता बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) को पुलिस कार्मिकों के विशेषीकृत एवं तकनीकी विषयों के संस्थागत प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह प्रशिक्षण राज्य के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों और प्रशिक्षण केंद्रों में नियमित कक्षाओं के माध्यम से कराया जाएगा। पुराने मॉड्यूल्स और विषयों के साथ-साथ नए तकनीकी और व्यवहारिक विषयों को भी शामिल किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से पुलिस बल अधिक दक्ष, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनेगा, जिससे जटिल अपराधों की जांच में तेजी और सटीकता आएगी।