CEO के अनुमोदन पर BKTC खाते से निकाले गए 6 लाख रुपये नकद, भुगतान और वित्तीय नियमों पर उठे सवाल, BKTC अध्यक्ष की तैनाती व बोर्ड के गठन से पूर्व से ही प्रचलित था प्रस्ताव !!

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में पूर्व CEO के कार्यकाल से जुड़े वित्तीय फैसले अब नए विवादों को जन्म दे रहे हैं। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार केदारनाथ यात्रा व्यवस्था के दौरान विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों के आवास एवं भोजन व्यवस्था के नाम पर करीब 6 लाख रुपये की अग्रिम धनराशि नकद केवल CEO के अनुमोदन पर जारी की गई।

वर्तमान अध्यक्ष BKTC की तैनाती से पूर्व 2 मई 2025 से गतिमान पत्रावली में 17 जून 2025 की एक नोटशीट में तत्कालीन मुख्य प्रभारी अधिकारी द्वारा उल्लेख किया गया कि यात्रा काल में VIP एवं VVIP मेहमानों, पीआरडी जवानों और अन्य कर्मियों की आवास व्यवस्था के लिए विभिन्न गेस्ट हाउस और होटल संचालकों के भुगतान लंबित हैंपत्र में यह भी कहा गया कि प्रोटोकॉल प्रभारी/व्यवस्थापक को 6 लाख रुपये अग्रिम दिए जाएं, ताकि पुराना तत्काल भुगतान किया जा सके और आगामी यात्रा सीजन हेतु भी महानुभावों के रुकने हेतु नकद धनराशि भुगतान का प्रावधान किया जा सके।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि तत्कालीन CEO ने बिना फाइनेंस कंट्रोलर (FC) व अन्य सक्षम स्तर की अनुमति लिए बिना इतनी बड़ी धनराशि कैसे स्वीकृत कर दी गई। जबकि BKTC में CEO के वित्तीय अधिकार केवल 2.5 लाख रुपये तक सीमित थे, बावजूद इसके 6 लाख रुपये की फाइल CEO स्तर पर ही अनुमोदित कर दी गई। और पैसा भी BKTC के अधिकारियों ने नकद (कैश) कैसे ले लिया जबकि धनराशि बिल के सापेक्ष होटल के खाते में जानी चाहिए थी।

विवाद का एक और बड़ा पहलू यह भी बताया जा रहा है कि अधिकांश होटल भुगतानों का नकद भुगतान किया गया। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि जिन बिलों का भुगतान किया गया, उनमें अधिकांश पर GST तक नहीं जोड़ा गया था। ऐसे में बिना GST वाले बिलों पर नकद भुगतान किए जाने को वित्तीय नियमों और पारदर्शिता के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है।

हालांकि यह पूरा प्रकरण BKTC के वर्तमान अध्यक्ष की तैनाती से पहले से प्रचलित का बताया जा रहा है, लेकिन अब समिति के भीतर भी इस भुगतान प्रक्रिया, वित्तीय स्वीकृतियों और नकद लेनदेन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य सरकार भी इस प्रकरण को बड़ी गंभीरता से ले रही है, माना जा रहा है राज्य सरकार जल्द ही इन सभी प्रकरणों पर बड़ा एक्शन लेकर एक नजीर पेश कर सकती है।