नए साल में पुलिस ने अपनाया वर्षों पुराना टोटका, कहीं भी नही लिखा गया आपराधिक मुकदमा, यह है वजह !!

हर बार की तरह पुलिस विभाग ने इस वर्ष भी अपराध कम करने के लिए एक बरसों पुराने टोटके का सहारा लिया है। जिसके तहत थानों में पहला मुदकमा गुडवर्क का दर्ज किया गया है। माना जाता है कि अगर वर्ष के पहले दिन थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाता है तो उक्त थाने को साल भर आपराधिक गतिविधियों से जूझना पड़ता है।


पुलिस में यह मान्यता दशकों नहीं बल्कि एक सदी से पुरानी बताई जाती है। हर साल एक जनवरी मुकदमा अपराध संख्या की शुरुआत होती है। पहले नंबर पर पुलिस आमतौर पर किसी घटना को दर्ज करने बचती है। इसके लिए करीब 10 दिन पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। क्षेत्र के आदतन अपराधियों की ढूंढ खोज शुरू हो जाती है। ताकि, एक जनवरी को इनके खिलाफ गैंगस्टर या गुंडा एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जा सके। यही नहीं क्षेत्र में अवैध शराब या नशे के धंधे में लिप्त लोगों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी जाती है। इससे उन्हें भी एक जनवरी को पकड़कर जेल की राह दिखाई जा सके।

सी तरह से सोमवार को साल के पहले दिन विभिन्न थानों में मुकदमा अपराध संख्या में गुडवर्क ही दर्ज किए गए। इनमें डोईवाला पुलिस ने 26 ग्राम स्मैक के साथ चपटू नाम के युवक को गिरफ्तार किया। सहसपुर ने 11 ग्राम स्मैक में अकलीम नाम के तस्कर को दबोचा। सहसपुर में ही हैप्पी नाम के युवक से 252 ग्राम चरस बरामद कर उसे गिरफ्तार किया। पटेलनगर पुलिस ने 120 पव्वे बरामद कर आबकारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर खाता खोला। सेलाकुई ने एक युवक के पास से 96 पव्वे पकड़े। रायवाला पुलिस ने भी 65 पव्वे देसी शराब के पकड़े। ऋषिकेश पुलिस ने भी 50 पव्वे बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। उधर, सहसपुर पुलिस ने सभावाला क्षेत्र में पांच लीटर कच्ची शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर तीसरा मुकदमा दर्ज किया।