पुलिस मुख्यालय की मेडल तालिका में विजिलेंस को जगह नहीं, अब खुद देना पढ़ रहा प्रशस्ति पत्र, CM धामी के जीरो टॉलरेंस अभियान को साकार करने वाले विजिलेंस के खाते में कर्मचारियों को एक भी मेडल नहीं, PHQ के अजब गजब हाल !!

भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाने वाले उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) के कर्मचारियों को इस बार पुलिस मुख्यालय की मेडल तालिका में जगह नहीं मिल सकी। स्थिति यह है कि विजिलेंस के किसी कर्मचारी को मेडल न मिलने के बाद अब सतर्कता अधिष्ठान ने अपने स्तर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया है। पुलिस मुख्यालय की मेडल तालिका में बस विजिलेंस से एक ही व्यक्ति वो भी अधिकारी स्तर पर DIG विजिलेंस प्रह्लाद मीणा को स्थान मिला है।

सतर्कता अधिष्ठान के अनुसार, ट्रैप कार्यवाहियों, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विवेचना तथा टोल फ्री नंबर 1064 पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तीन निरीक्षकों और एक हेड कांस्टेबल को निदेशक, सतर्कता अधिष्ठान की ओर से प्रशस्ति पत्र (Commendation Certificate) प्रदान किया जाएगा।

इनमें निरीक्षक मनोज मैनवाल, निरीक्षक कीर्ति कुमार श्रीवास्तव, निरीक्षक नूतन असवाल और हेड कांस्टेबल विवेक डबराल शामिल हैं।

ट्रैप से लेकर विवेचना तक निभाई अहम भूमिका –

विजिलेंस के अधिकारियों के मुताबिक इन कार्मिकों ने पिछले वर्ष सफल ट्रैप कार्यवाहियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही पीसी एक्ट के लंबित मामलों की समयबद्ध एवं साक्ष्य आधारित विवेचना पूरी करने तथा 1064 पर प्राप्त भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई में भी इनका योगदान रहा।

मेडल नहीं मिला तो अपने स्तर पर सम्मान –

गौर करने वाली बात यह है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाले पदकों की सूची में इस बार सतर्कता अधिष्ठान के किसी कर्मचारी का नाम नहीं है। ऐसे में विजिलेंस ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अपने कार्मिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए स्वयं प्रशस्ति पत्र देने का निर्णय लिया है।