उत्तराखंड में सोशल मीडिया पर अफवाह, प्रोपेगंडा और भ्रामक सामग्री पर लगाम कसने के लिए खुफिया विभाग (अभिसूचना विभाग) प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल स्थापित करेगा। यह सेल हाई इंटेंसिटी AI सॉफ्टवेयर के माध्यम से फेसबुक, ट्विटर (एक्स) और यूट्यूब सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगा। इस सेल के गठन के लिए प्रस्ताव DGP के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने शासन को भेजा है जोकि शासन स्तर पर गतिमान है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए व्यक्ति विशेष, संस्थाओं और सरकार को बदनाम करने, फेक न्यूज फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए ही इस सेल का गठन किया जाएगा। यह सेल आईटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कराने के साथ ही पुलिस विभाग की ओर से विधिक कार्रवाई के लिए भी अधिकृत होगा।
प्रस्तावित ढांचे के तहत इस सेल में उप निरीक्षक (SI) से लेकर कांस्टेबल स्तर तक कुल 22 पद सृजित किए जाएंगे। सेल में तैनात कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे एआई आधारित सॉफ्टवेयर के जरिए संदिग्ध कंटेंट व पोस्ट की पहचान कर सकें और समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें।
अधिकारियों का कहना है कि तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए यह कदम जरूरी है। सेल के गठन के बाद सोशल मीडिया पर निगरानी और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है व सोशल मीडिया में सुसाइड, मारपीट एवं महिलाओं को दी गयी धमकियां जैसे प्रकरणों की जानकारी भी पुलिस को समय रहते मिल जाएगी।

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