01- वर्ष 2023 में स्थापित यू०आई०आई०डी०बी० के कार्य संचालन हेतु तात्कालिक न्यूनतम आवश्यकता के आधार पर शासनादेश दिनांक 18.07.2024 द्वारा कुल 13 पदों का सृजन किया गया था। जिनमें से अधिकांश पद आउटसोर्स व खुले बाजार से विशेषज्ञ प्रकृति के थे। वर्तमान में यू.आई.आई डी.बी द्वारा हरिद्वार व ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर एवं शारदा रिवर फन्ट परियोजना के अन्तर्गत अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा इसके साथ डाकपत्थर मास्टर प्लान, अध्यात्मिक-आर्थिक क्षेत्र के रूप में श्रीनगर स्थित बेलकण्डी-बेलकेदार क्षेत्र का विकास कार्य एवं कतिपय विभागों द्वारा किये गये अनुरोध के क्रम में पी.पी.पी. मोड मे उन विभागों की परिसम्पत्तियों के मुद्रीकरण का कार्य भी किया जा रहा है।
उक्त के दृष्टिगत यूआईआईडीबी के ढांचे में अतिरिक्त 14 नवीन पदों (प्रबन्ध निदेशक, संयुक्त प्रबंध निदेशक, महाप्रबंधक वित्त, महाप्रबंधक प्रशासन, उप महाप्रबंधक / विशेष कार्याधिकारी, वन, प्रबंधक / विशेष कार्याधिकारी राजस्व, सहायक महाप्रबंधक प्रशासन, प्रबंधक अभियंत्रण सिविल, प्रंबधक अभियंत्रण MEP, प्रबंधंक प्रशासन, सहायक प्रबंधक प्रशासन, सहायक प्रबधंक प्रोजेक्टस एण्ड कामर्शियल, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर) को सृजित किये जाने एवं पूर्व से सृजित सहायक प्रबंधक लेखा / लेखाकार का पदनाम व ऑफिस ब्वॉय का मानदेय परिवर्तित किये जाने पर मा० मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों और मूल्यों के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों (राजकीय महाविद्यालयों एवं राज्य विश्वविद्यालयों) में शोध/अन्वेषण एवं नवाचार के वातावरण का सृजन करते हुए उत्कृष्ट शिक्षा और शोध के केन्द्र के रूप में संस्थाओं को विकसित करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभागान्तर्गत “मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना” संचालित की जा रही है। वर्तमान में उक्त योजना, राजकीय महाविद्यालयों एवं राज्य विश्वविद्यालय परिसरों में कार्यरत प्राध्यापकों एवं अध्ययनरत नियमित छात्रों पर ही लागू है। उक्त योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों, जहाँ नियमित प्राचार्य नियुक्त हैं, को योजना में सम्मिलित किये जाने का निर्णय मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया है।
- उच्च शिक्षा विभागान्तर्गत “स्वामी विवेकानन्द उत्तराखण्ड ई-पुस्तकालय योजना’ संचालित किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने दिया अनुमोदन।
स्वामी विवेकानन्द उत्तराखण्ड ई-पुस्तकालय योजना विभागान्तर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों तथा अन्य इच्छुक विभागों / सस्थानों के लिए लागू होगी। योजनान्तर्गत ई-बी.एन.एम.आर. (ई-बुक्स, न्यूजपेपर्स, मैगजीन, रिपोर्टस) रीडिंग मैटेरियल के साथ शोध जर्नल्स की भी सुविधा प्रदान की जाएगी।0पाठ्य सामग्रियों को डिजिटल मोड में परपिचुअल ओनरशिप मॉडल (Perpetual Ownership Model) अथवा सब्सक्रिप्शन मॉडल (Subscription Model) में लिया जा सकता है। साथ ही ई-पुस्तकालय योजना हेतु छात्रों (शासकीय/अशासकीय अनुदानित/निजी उच्च शिक्षण संस्थान) से भी एक निश्चित शुल्क लिया जाएगा जो कि पारम्परिक पाठ्यक्रमों (बी०ए०/ बी०एस०सी०/ बी०कॉम०) के लिए ₹100/- (₹ सौ मात्र), सेमी प्रोफेशनल कोर्स (बी०एड०/लॉ) के लिए ₹250/- (₹ ढ़ाई सौ मात्र) तथा प्रोफेशनल कोर्स (इंजिनियरिंग / मेडिकल / एग्रीकल्चर) के लिए ₹500/- ( पांच सौ मात्र) देय होगा।
- “उत्तराखण्ड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली, 2010” एवं “उत्तराखण्ड (उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के क्षेत्र के बाहर) समूह ‘ग’ के पदो पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया नियमावली, 2008” में सीधी भर्ती के ‘समूह-ग’ के पदों पर चयन/भर्ती प्रक्रिया में भिन्नता / विसंगति के निराकरण हेतु उत्तराखण्ड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली, 2010 के नियम-15 भर्ती प्रक्रिया के बिन्दु संख्या-4 (क) एवं बिन्दु 4 (दो) (क) एवं नियम-18 (2) में संशोधन करते हुए उत्तराखण्ड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
- शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत भारत सरकार तथा राज्य सरकार की योजनाओं के सफल संचालन एवं कियान्वयन किये जाने, निर्धारित मानकों के अनुसार निकायों द्वारा लक्ष्य प्राप्ति किये जाने, ठोस अवशिष्ट प्रबन्धन का पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सतत् व स्थाई निस्तारण किये जाने तथा भारत सरकार की विशेष सहायता योजनान्तर्गत शहरी विकास विभाग में प्रशासनिक सुधारों के अन्तर्गत राज्य के समस्त 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियन्ता (Environmental Engineers and Hydrologists) (संविदा के आधार पर नियत मानदेय ₹80,000-1,30,000/-) के 1-1 पद, कुल 11 पद सृजित किये जाने के संबंध में मंत्रिमंडल ने दिया अनुमोदन।
- सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट में लिया निर्णय।
राज्य में “सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना-2026” के अन्तर्गत उच्च गुणवत्ता वाले सेब रोपण सामग्री का उत्पादन बढाना, राज्य में उच्च घनत्व वाली सेब नर्सरियों की स्थापना को प्रोत्साहित करना, उच्च गुणवत्ता वाले नर्सरी डेवलपर्स को आकर्षित करना, राज्य में औद्यानिक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना, अन्य राज्यों / देशों से आयात पर निर्भरता कम करना, विदेशी कीटों / रोगों के संक्रमण के जोखिम को कम करना तथा स्थानीय स्तर पर (विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में) रोजगार के अवसर पैदा करना है।
उच्च घनत्व वाली सेब नर्सरी की स्थापना हेतु 10.00 एकड़ तक आवेदन करने वाले आवेदकों को 50 प्रतिशत की राज सहायता एवं 10.00 एकड़ से ऊपर तक आवेदन करने वाले आवेदकों को 40 प्रतिशत की राज सहायता प्रदान की जायेगी।
07 मौन पालन नीति–2026” के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य में मौन पालन के कार्य हेतु जलवायु विविधता अनुकुलित होने के दृष्टिगत लगभग पूरे वर्ष मौन पालन का कार्य किया जा सकता है। मौन पालन के माध्यम से राज्यान्तर्गत किसानों हेतु अतिरिक्त आमदनी का स्रोत उत्पन्न किया जा सकता है। वर्तमान में राज्य सरकार का लक्ष्य मौन उत्पादों के उत्पादन के साथ ही फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना भी है। उत्तराखण्ड में एपिस मेलिफेरा और एपिस सेराना मौन के माध्यम से मौन पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तराखंड को उच्च गुणवत्ता वाले शहद और अन्य मौन उत्पादों के अग्रणी उत्पादक के रूप में स्थापित किए जाने तथा उत्तराखंड को शहद के एक विशिष्ट ब्राण्ड के रूप में स्थापित करते हुए, राज्य में आजीविका के नए स्रोत उपलब्ध कराकर राज्य में कृषि गतिविधियों के विविधिकरण हेतु “मौन पालन नीति-2026” प्रख्यापित किए जाने पर कैबिनेट ने प्रदान की मंजूरी।
08 मा० सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा रिट याचिका (सिविल) संख्या-132/2016 रजनीश कुमार पाण्डे एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य में पारित निर्णय दिनांक 07.03. 2025 के अनुपालन में गठित स्क्रीनिंग समिति द्वारा विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राज्य में तदर्थ / अनुबन्ध/संविदा/आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत विशेष शिक्षकों को विशेष शिक्षा शिक्षक के नियमित पदों के सापेक्ष नियमित नियुक्ति प्रदान करने के सम्बन्ध में की गयी संस्तुति के कम में तदर्थ / अनुबन्ध/संविदा/आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत 04 विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एल०टी०) विशेष शिक्षा शिक्षक (लेवल-07) के पदों के सापेक्ष नियमित नियुक्ति प्रदान किए जाने का कैबिनेट ने निर्णय लिया गया है।
09 महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान-बाल पालाश योजना के अन्तर्गत 03 से 06 वर्ष तक के स्कूल पूर्व पंजीकृत बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में नवीन सामग्रियों को सम्मिलित किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने प्रदान की मंजूरी।
बच्चों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार एवं पोषक आहार के लिये मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान-बाल पालाश के अन्तर्गत अतिरिक्त पोषाहार के रूप में आंगनबाड़ी केन्द्रों में 03 से 06 वर्ष तक के स्कूल पूर्व पंजीकृत बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में नवीन सामग्रियों को सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति।
10 मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के अन्तर्गत आंगनबाडी केन्द्रों में पंजीकृत गर्भवती / धात्री महिलाओं में पोषण स्तर में सुधार लाये जाने हेतु दी जाने वाली सामग्रियों में नवीन सामग्रियों को सम्मिलित किए जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने प्रदान की मंजूरी।
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के द्वारा राज्य में आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाये जाने हेतु योजना के तहत महिलाओं को आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दो दिन (बुधवार एवं शनिवार) अण्डा, दो दिन (सोमवार एवं मंगलवार) केला व दो दिन दूध (बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार) उपलब्ध करवाये जा रहे सामग्रियों में नवीन सामग्रियों को सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति।
11 उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग का चौबीसवाँ वार्षिक प्रतिवेदन (दिनांक 01 अप्रैल, 2024 से दिनांक 31 मार्च, 2025 तक) को विधान सभा में सदन के पटल पर रखे जाने पर कैबिनेट ने दी मंजूरी।
12 उत्तराखण्ड राज्य में माल और सेवा कर अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ को देहरादून में यथावत रखते हुए हल्द्वानी (नैनीताल) में एक अतिरिक्त राज्य पीठ (State Bench) की स्थापना अथवा Circuit Bench स्थापित किए जाने के संबंध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
शासनादेश संख्या 139639, दिनांक 21.07.2023 द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में माल और सेवा कर अपीलीय अधिकरण (GSTAT) की राज्य पीठ का गठन/अवस्थिति (Location) देहरादून में निर्धारित करते हुये, उक्त राज्य पीठ को सम्पूर्ण राज्य का क्षेत्राधिकार दिया गया है। तदोपरान्त् वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग, भारत सरकार की अधिसूचना संख्या 3048 (अ) दिनांक 31 जुलाई, 2024 के द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में माल और सेवा कर अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ (State Bench) देहरादून में अधिसूचित की गयी है। राज्य के कठोर भौगोलिक क्षेत्रों तथा इन क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के दृष्टिगत कुमाऊँ मण्डल में पंजीकृत व्यापारियों की सुविधा के लिए राज्य में माल और सेवा कर अपीलीय अधिकरण की हल्द्वानी (नैनीताल) में एक अतिरिक्त राज्य पीठ (State Bench) अथवा Circuit Bench स्थापित किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने प्रदान की मंजूरी।
13 उत्तराखण्ड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को मा० विधानसभा उत्तराखण्ड के समक्ष पुरःस्थापित किए जाने पर मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी।
14 सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो (Bureau of Public Enterprises HP) को औद्योगिक विकास से स्थानानारित कर वित्त विभाग के अन्तर्गत गठित किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
15 विश्व बैंक पोषित उत्तराखण्ड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम (Uttarakhand Efficient Water Supply Program) के क्रियान्वयन के संबंध में कैबिनेट ने प्रदान की मंजूरी।
राज्य में नवीन पेयजल योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन, निर्माण, संचालन, रखरखाव, अनुश्रवण तथा पूर्व निर्मित योजनाओं की संचालन दक्षता में वृद्धि हेतु वाह्य सहायतित परियोजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम का प्रस्ताव भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया था। भारत सरकार द्वारा कार्यक्रम विश्व बैंक की सहायता से क्रियान्वित किये जाने हेतु सहमति प्रदान करते हुए उक्त प्रस्ताव का वित्त पोषण विश्व बैंक से किये जाने हेतु अनुरोध किया गया, जिसके संबंध में विश्व बैंक द्वारा सहमति प्रदान की गयी है। प्रश्नगत कार्यक्रम की लागत ₹ 1600 करोड़ है, जिसमें विश्व बैंक द्वारा ₹ 1280 करोड़ का सहयोग तथा राज्य सरकार द्वारा ₹ 320 करोड़ का अंशदान किया जायेगा।
16 उत्तराखण्ड राज्य में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग हेतु नीति, 2026 के प्रख्यापन की कैबिनेट की मंजूरी।
गैर पेय उपयोग के लिए उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग हेतु एक राज्य नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया है जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में घरों और व्यावसायिक उद्यमों से निकलने वाले सीवेज (मलजल) का सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) से निकलने वाले उपचारित जल का चरण वार विभिन्न कार्यों हेतु सुरक्षित पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समान ढांचा और मार्गदर्शन निहित है। नीति में उपचारित जल के पुनः उपयोग के लघु से मध्यम समयावधि के माइलस्टोन / लक्ष्य, कार्यान्वयन दिशा निर्देश, वित्तीय प्रबंधन तथा गुणवत्ता सम्बंधित निर्देशों का उल्लेख किया गया है। प्रस्तावित नीति मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।
17 उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘क’ एवं ‘ख’ के कार्मिकों हेतु सेवा विनियमावली-2026 प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पदीय ढाँचे में सृजित समूह ‘क’ एवं ‘ख’ के पदों की सेवा एवं शर्तों को स्थापित किये जाने हेतु ‘उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवाविनियमावली-2026′ के प्रख्यापन को मंत्रिमंडल की मंजूरी।
18 उत्तराखण्ड चकबन्दी अधिष्ठान के अन्तर्गत बन्दोबस्त अधिकारी, चकबन्दी के 01 निःसंवर्गीय पद के सृजन के सम्बन्ध में कैबिनेट का अनुमोदन।
उत्तराखण्ड राज्य में चकबन्दी प्रक्रियाओं के अन्तर्गत वर्तमान में ऊधमसिंहनगर इकाई एवं हरिद्वार इकाई कार्यरत है। उत्तराखण्ड राज्य में जनपद हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में चकबन्दी की कार्यवाही गतिमान है, उक्त के अतिरिक्त उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय जनपदों में भी स्वैच्छिक / आंशिक चकबन्दी प्रोत्साहन नीति प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में उत्तराखण्ड चकबन्दी अधिष्ठान के अन्तर्गत बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के कुल 04 पद सृजित हैं, जिनके सापेक्ष केवल 01 कार्मिक तैनात है एवं अन्य 03 पद रिक्त हैं। चकबन्दी अधिष्ठान में कार्यरत चकबन्दी अधिकारियों में से कोई भी चकबन्दी अधिकारी वर्तमान में बन्दोबस्त अधिकारी, चकबन्दी पद पर पदोन्नति हेतु अर्हता पूर्ण नहीं करता है। अतएव, चकबन्दी विभाग अन्तर्गत लम्बित मामलों के निस्तारण हेतु बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के 01 निःसवंर्गीय पद सृजन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की।
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निवेश प्रोत्साहन, दुकानों में काम करने के समय को लचीलापन बनाने, दुकानों की कार्यक्षता बढ़ाने, कामगारों को ज्यादा काम करने का मौका दिये जाने एवं नई दुकानों के आसनी से खोले जाने हेतु उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) अधिनियम, 2017 की धारा 1(2), 8, 9 एवं धारा 19 में संशोधन करते हुए उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 प्रख्यापित किया गया था। वर्तमान में उक्त अध्यादेश को प्रतिस्थापित किये जाने हेतु उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधान सभा में पुरःस्थापित किए जाने पर मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की।
20 समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 दिनांक 27.01.2025 से सम्पूर्ण प्रदेश में लागू है। समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 के लिए गठित समिति द्वारा की गयी संस्तुति/अनुशंसाओं के आधार पर तथा मूल संहिता के कतिपय प्रावधानों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाईयों व लिपिकीय त्रुटियों के समाधान हेतु मूल संहिता में अध्यादेश संख्या-25/XXXVI(3)/2026/05(01)/2026 दिनांक 27.01.2026 के माध्यम से संशोधन करते हुए असाधारण गजट में प्रकाशित कर दिया गया। अतः तत्क्रम में उक्त अध्यादेश के प्रतिस्थानी के रूप में समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड (संशोधन) विधेयक, 2026 को आगामी सत्र में विधान सभा पटल पर प्रस्तुत किया जाना है। अतः तत्क्रम में समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड (संशोधन) विधेयक, 2026 को प्रख्यापित किए जाने पर मंत्रिमंडल ने प्रदान की मंजूरी।
21 उत्तराखण्ड स्टोन क्रेशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाईल स्टोन क्रेशर, मोबाईल स्क्रीनिंग प्लांट, पल्वराईजर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा (तृतीय संशोधन) नीति 2024 में हॉट मिक्स प्लांट की स्थापना हेतु दूरी के मानकों में संशोधन किये जाने पर मंत्रिमंडल ने प्रदान की मंजूरी।
22 उत्तराखण्ड राज्य की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के आदर्श नियम, 2016 के नियम 87 (1) के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष को 5000/- प्रति बैठक एवं गैर सरकारी संगठनों से नामित 02 सदस्यों को 3000/- प्रति बैठक मानदेय / बैठक शुल्क, उत्तर प्रदेश राज्य के समान अनुमन्य किए जाने पर मंत्रिमंडल ने प्रदान किया अनुमोदन।
23 कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में लिपिक / मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के पदों के संरचनात्मक ढांचे में लिपिक / मिनिस्ट्रीयल सवंर्ग का पुर्नगठन पर कैबिनेट की मंजूरी।
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में लिपिक / मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के पदों के संरचनात्मक ढांचे में लिपिक/ मिनिस्ट्रीयल सवंर्ग के सृजित / स्वीकृत कुल 34 पदों के अतिरिक्त 7 पदों का (01 प्रशासनिक अधिकारी, 01 प्रधान सहायक, 02 वरिष्ठ सहायक एवं 03 कनिष्ठ सहायक) सृजन (संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन) पर कैबिनेट ने प्रदान की मंजूरी।
24 प्रदेश में रेप और पोक्सो अधिनियम के लंबित अपराधों के शीघ्र निपटारे और सुनवाई (Setting up of Fast Track Special Courts for Expeditious Trial and Disposal of Rape and POCSO Act Pending Cases) हेतु पूर्व से संचालित 04 FTSCs (देहरादून, रूड़की, हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर) के अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा प्रदत्त सहमति के कम में जनपद देहरादून जिले के विकासनगर, उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर और नैनीताल जिले के मुख्यालय में, इस प्रकार कुल 03 अतिरिक्त Fast Track Special Courts की स्थापना एवं संबंधित फास्ट ट्रैक कोर्ट हेतु पदों का सृजन को मंत्रिमंडल की मंजूरी।
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मा. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड, नैनीताल हेतु 01 तथा जिला न्यायालयों हेतु 13, इस प्रकार कुल 14 न्यायालय प्रबंधकों (Court Managers) के नये पदों के सृजन को मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी।
26
विश्व बैंक के सहयोग से Strengthening of Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand के कियान्वयन हेतु स्टीयरिंग कमेटी व प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट का गठन एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट हेतु पदों के सृजन को मिली मंत्रिमंडल की मंजूरी।
विश्व बैंक सहायतित UKPFMS परियोजना के अंतर्गत लोक वित्त प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक वित्तीय सुधारों को वर्ष 2019 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया था। यह परियोजना 30 जून. 2025 तक संचालित रही जिसके अंतर्गत कई नवाचारी सुधारों को सफलतापूर्वक लागू किया गया। इस परियोजना के सभी उद्देश्यों की पूर्ति होने के साथ ही शत-प्रतिशत ऋण की धनराशि का उपभोग किया गया। इन अनेक नवाचारों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किए जाने के पश्चात राज्य सरकार द्वारा यह अनुभव किया गया कि लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली तथा Public Service Delivery System को और अधिक सुदृढ करने हेतु विश्व बैंक के सहयोग से एक नई परियोजना SPFM (Strengthening of Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand के नाम से प्रारंभ की जानी आवश्यक है। इस संबंध में प्रस्तावित रू.850 करोड की पंचवर्षीय परियोजना के अंतर्गत रू.680 करोड रुपये विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त होंगे तथा शेष राशि राज्य सरकार का अशदान होगी। ऋण का पुनर्भुगतान दीघांवधि में 90 प्रतिशत केंद्र सरकार एवं 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इस प्रकार राज्य को नवाचारी सुधारों को लागू करने हेतु न्यूनतम लागत (Cast) पर धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
उक्त उद्देश्यों की पूर्ति हेतु मंत्रिमण्डल द्वारा SPFM परियोजना की उच्चाधिकार समिति (HPC) व प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट (PMU) के गठन के साथ 21 अस्थायी पदों के सृजन को दी मंजूरी।
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उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधो का संशोधन) विधेयक 2026″ के संबंध में।
विभागों के अन्तर्गत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने कानूनों में छोटी तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों के लिये नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्यवाही आंरभ करने (Introducing Civil penalties and administrative actions for minor technical and procedural lapses) एवं कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाये जाने (Removing obsolete and redundant provisions of law) आदि उद्देश्यों हेतु भारत सरकार ( DPIIT) द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के क्रम में Compliance Reduction and Deregulation for Ease of Doing Business राज्य स्तरीय “उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश, 2025” की अधिसूचना विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग की संख्या-423/XXXVI(3)/2025/59(1)/2025, दिनांक 15 दिसम्बर, 2025 द्वारा जारी किया गया है। आगामी विधानसभा सत्र में अध्यादेश को विधेयक के माध्यम से अधिनियम के रूप में प्रख्यापित किये जाने पर मंत्रिमण्डल का अनुमोदन।

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