लंबी व गम्भीर बीमारी के कारण तैनाती पर मौजूद व हाजिरी व न लगा पाने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर, इस नियम से मिलती रहेगी तनख्वा व पुराना रुका वेतन !!

अगर आपका कोई परिचित व परिवार जन सरकारी नौकरी में है व लंबी एवं गंभीर बीमारी के तहत बिस्तर से भी उठ पाने में असमर्थ है व अपनी सरकारी नौकरी में कुछ भी योगदान नहीं दे पा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है।

बता दें कि अभी तक ऐसे कर्मचारियों का सिर्फ मेडिकल भुगतान ही होता था व अनेक विभागों में कार्यालय व सेवा में उपस्थित न होने के कारण तनख्वाह रोक दी जाती थी, लेकिन अब शासन ने एक नाजिर पेश करते हुए लंबी व गम्भीर बीमारी से ग्रसित एक अधिकारी को रुका हुआ वेतनमान एरियर के रूप में देने से साथ साथ आगामी माह से रूटीन तनख्वाह देने के आदेश जारी किए हैं।

इस एक्ट में है यह प्रावधान

आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह के प्रावधान दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 20 (4) में उल्लेखित है। जिसके अनुसार –

कोई भी सरकारी प्रतिष्ठान किसी ऐसे कर्मचारी को सेवा से मुक्त नहीं करेगा या उसके पद (rank) में कमी नहीं करेगा, जो अपनी सेवा के दौरान विकलांगता (या विकलांगता जैसी स्तिथि ICU, COMA व अन्य बीमारी) का शिकार हो जाता है।
● बशर्ते कि, यदि कोई कर्मचारी विकलांगता के बाद उस पद के लिए उपयुक्त नहीं रह जाता है जिसे वह संभाल रहा था, तो उसे उसी वेतनमान (pay scale) और सेवा लाभों के साथ किसी अन्य पद पर स्थानांतरित किया जाएगा।
● बशर्ते यह भी कि, यदि कर्मचारी को किसी भी पद पर समायोजित (adjust) करना संभव न हो, तो उसे एक अधिसंख्य पद (supernumerary post) पर तब तक रखा जा सकता है जब तक कि कोई उपयुक्त पद उपलब्ध न हो जाए या वह सेवानिवृत्ति (superannuation) की आयु प्राप्त न कर ले, जो भी पहले हो।

इस तरह के प्रकरणों के लिए अब कर्मचारी के परिवारजन व कर्मचारी स्वयं अपने शासकीय विभाग में इस धारा / नियम के तहत आवेदन कर सकता है। जिसके उपरांत शासन स्तर पर कार्मिक विभाग व वित्त विभाग के परामर्श के बाद ऐसे कर्मचारियों को एक्स कैडर पोस्ट / अधिसंख्य पद पर तैनात किया जाएगा व रुका हुआ वेतन एरियर के रूप में मिलेगा व साथ ही साथ हर माह रूटीन तनख्वाह भी मिलती रहेगी।