उत्तराखंड में अब स्कूल बस और वैन का किराया तय, मनमानी वसूली पर लगेगी रोक !!

प्रदेश के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। स्कूल बस और वैन संचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों के बीच, राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) ने बुधवार को परिवहन शुल्क की नई दरें निर्धारित कर दी हैं। अब अभिभावकों को किलोमीटर की दूरी के हिसाब से मासिक शुल्क चुकाना होगा।

लागत का बारीकी से हुआ आकलन
संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा की अध्यक्षता वाली समिति ने किराये का निर्धारण करने से पहले वाहन की औसत कीमत, मासिक किश्त (EMI), चालक-परिचालक और महिला गार्ड का वेतन, इंश्योरेंस, फ्यूल, मेंटेनेंस और फिटनेस जैसे सभी तकनीकी और आर्थिक घटकों का गहन अध्ययन किया। इसके बाद ही ‘किमी आधारित’ चार्ट तैयार किया गया है।


अभिभावकों को मिलेगी बड़ी राहत
अभी तक कई स्कूलों में ट्रांसपोर्ट फीस को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं थी, जिससे अभिभावकों पर भारी बोझ पड़ता था। अब सरकार द्वारा शुल्क तय किए जाने के बाद, कोई भी ठेका वाहन (स्कूल बस/टैक्सी/मैक्सी) निर्धारित दरों से अधिक वसूली नहीं कर सकेगा। परिवहन विभाग जल्द ही इन दरों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश जारी करेगा।