गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में गंभीर प्रोटोकॉल चूक सामने आने पर लोकभवन (राजभवन) ने कड़ी नाराज़गी जताई है। अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी की ओर से मुख्य सचिव उत्तराखंड को भेजे गए पत्र में अधिकारियों की अनुपस्थिति, स्वागत व्यवस्था में लापरवाही और परेड मैदान में मंच व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर खामियों का उल्लेख किया गया है।
लोकभवन (राजभवन) की ओर से कहा गया है कि हर वर्ष 26 जनवरी को परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल मुख्य अतिथि होते हैं, जबकि लोकभवन में हाई-टी कार्यक्रम राज्य स्तरीय आयोजन के रूप में किया जाता है। इन आयोजनों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है, लेकिन इस वर्ष इसमें भारी चूक हुई।
वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल
पत्र में उल्लेख है कि पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी 26 जनवरी सहित 15 अगस्त और 9 नवंबर के कार्यक्रमों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद लोकभवन (राजभवन) में आयोजित कार्यक्रम में कई सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी अनुपस्थित रहे। ई-इनविटेशन भेजने के बावजूद भी कई अधिकारियों द्वारा न तो उपस्थिति सुनिश्चित की गई और न ही अनुपस्थिति की पूर्व सूचना दी गई, जिसे कार्यक्रम की गरिमा के विपरीत बताया गया।
आगवानी व्यवस्था में भी चूक
राजभवन ने कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के आगमन के समय वरिष्ठ जिला प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी आपत्ति जताई है। पत्र के अनुसार, लोकभवन में आयोजित हाई-टी कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी देहरादून उपस्थित नहीं थे और न ही उनकी ओर से किसी वरिष्ठ अधिकारी (CDO व ADM) को अधिकृत किया गया था। इसे प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है। जबकि एसएसपी देहरादून वहां मौजूद थे।
परेड मैदान में मंच व्यवस्था बनी विवाद का कारण
पत्र में उल्लेखित है कि गणतंत्र दिवस पर परेड मैदान में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल के साथ सचिव, राज्यपाल एवं परिजनों का मंच पर बैठना प्रोटोकॉल के अनुसार अनिवार्य है, लेकिन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा सचिव राज्यपाल को मंच पर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद उन्हें अन्य अतिथियों के लिए आरक्षित दीर्घा में बैठाया गया, जिससे राज्यपाल और सचिव के बीच संपर्क टूट गया। इस पूरे घटनाक्रम पर राज्यपाल ने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की है।
कार्रवाई और सुधार के निर्देश
राजभवन ने शासन से अपेक्षा की है कि इन चूकों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए और की गई कार्रवाई की जानकारी राज्यपाल के अवलोकनार्थ उपलब्ध कराई जाए। साथ ही भविष्य में राज्यपाल से जुड़े कार्यक्रमों में इस प्रकार की प्रोटोकॉल त्रुटियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निर्देश जारी करने को कहा गया है।

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