नए साल में पुलिस ने अपनाया वर्षों पुराना टोटका / परंपरा, सिर्फ लिखे गए गुडवर्क के मुकदमें, यह है वजह !!

अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने इस वर्ष भी वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाया। नए साल के पहले दिन थानों में पहला मुकदमा आपराधिक ना होकर गुडवर्क का दर्ज किया गया। पुलिस महकमे में यह मान्यता है कि यदि वर्ष के पहले दिन थाने में आपराधिक मुकदमा (जैसे चोरी, डकैती, गुमशुदगी, मर्डर, लड़ाई झगड़े) दर्ज होता है तो पूरे साल संबंधित थाना आपराधिक गतिविधियों से जूझता रहता है।

पुलिस विभाग में यह परंपरा कोई नई नहीं बल्कि करीब एक सदी पुरानी बताई जाती है। हर वर्ष एक जनवरी से अपराध संख्या की शुरुआत होती है। ऐसे में पुलिस आमतौर पर पहले नंबर पर किसी बड़ी आपराधिक घटना को दर्ज करने से परहेज करती है। इसके लिए करीब 3 दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं।

इस दौरान क्षेत्र के आदतन अपराधियों की तलाश तेज कर दी जाती है, ताकि एक जनवरी को अवैध शराब बिक्री, चरस, स्मैक व अन्य नशे के धंधे में लिप्त लोगों पर भी कड़ी नजर रखी जाती है, जिससे नए साल के पहले दिन उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सके। इसी तरह से गुरुवार को साल के पहले दिन विभिन्न थानों में मुकदमा अपराध संख्या में गुडवर्क ही दर्ज किए गए।