उत्तराखंड में GST संग्रह ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक साल में दस हज़ार करोड़ के पार, 8% की जोरदार उछाल !!

उत्तराखंड के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी ताजा GST आंकड़े राज्य की आर्थिक सेहत की एक मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं। एक तरफ जहां मार्च 2026 में राज्य का प्री-सेटलमेंट SGST संग्रह गिरकर ₹458 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल मार्च में ₹527 करोड़ था यानी 13% की गिरावट, वहीं दूसरी तरफ IGST के बंटवारे के बाद पोस्ट-सेटलमेंट SGST में जबरदस्त उछाल देखी गई।

पोस्ट-सेटलमेंट में 16% की उछाल
IGST सेटलमेंट के बाद उत्तराखंड को मार्च 2026 में कुल ₹891 करोड़ प्राप्त हुए, जबकि मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹772 करोड़ था। यह 16% की वृद्धि दर्शाता है कि केंद्र द्वारा IGST के पुनर्वितरण से पहाड़ी राज्यों को खासा फायदा मिल रहा है।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 की पूरी अवधि (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) का आकलन करें तो तस्वीर और भी उजली नजर आती है।

  • प्री-सेटलमेंट SGST में 2% की मामूली वृद्धि हुई — ₹5,847 करोड़ से बढ़कर ₹5,990 करोड़।
  • पोस्ट-सेटलमेंट SGST ने शानदार 8% की बढ़त दर्ज की — ₹9,360 करोड़ से ऊपर उठकर ₹10,116 करोड़ के पार पहुंचा।यह पहली बार है जब उत्तराखंड का वार्षिक पोस्ट-सेटलमेंट SGST ₹10,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है।

वंही वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-सेटलमेंट में आई गिरावट का कारण राज्य के अपने स्थानीय व्यापारिक संग्रह में उतार-चढ़ाव हो सकता है। लेकिन IGST के बाद मिलने वाली राशि में जो 16% की बढ़त आई है, वह इस बात का संकेत है कि अंतरराज्यीय व्यापार में उत्तराखंड की हिस्सेदारी बढ़ रही है — चाहे वह पर्यटन हो, उत्पादन हो या सेवा क्षेत्र।

राष्ट्रीय परिदृश्य में उत्तराखंड

राष्ट्रीय स्तर पर मार्च 2026 में कुल ग्रैंड टोटल पोस्ट-सेटलमेंट SGST ₹90,817 करोड़ रहा जो पिछले वर्ष के ₹86,707 करोड़ की तुलना में 5% अधिक है। इस परिप्रेक्ष्य में उत्तराखंड की 16% की बढ़त राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।

वार्षिक आधार पर भी राष्ट्रीय वृद्धि दर 6% के मुकाबले उत्तराखंड की 8% की वृद्धि दर इसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में रखती है।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड का GST प्रदर्शन 2025-26 में उत्साहजनक रहा है। स्थानीय संग्रह में कुछ नरमी जरूर है, लेकिन सेटलमेंट के बाद राज्य को जो राशि प्राप्त हो रही है वह लगातार बढ़ रही है। ₹10,116 करोड़ का वार्षिक पोस्ट-सेटलमेंट SGST राज्य के विकास और प्रशासनिक खर्चों के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार प्रदान करता है।