UKSSSC पेपर लीक मामले में ED का बड़ा एक्शन, हाकम सिंह रावत की ₹63.30 लाख की संपत्तियां कुर्क, पेपर बेच कर 1 करोड़ की कमाई के सबूत भी मिले, जिन अभ्यर्थियों ने खरीदे थे प्रश्नपत्र उनकी भी खोज होगी शुरू !!

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ₹63.30 लाख मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क  किया है। यह कार्रवाई देहरादून स्थित ED के सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत की है।

ED की जांच 2021 की स्नातक स्तरीय (VDO/VPDO) भर्ती परीक्षा पेपर लीक और 2016 की VDO/VPDO परीक्षा में अनियमितताओं से संबंधित देहरादून के रायपुर थाने तथा विजिलेंस सेक्टर में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी।

जांच में खुलासा हुआ कि हाकम सिंह रावत के नेतृत्व में एक संगठित गिरोह, जिसमें परीक्षा की प्रिंटिंग एजेंसी RMS Techno Solutions Pvt. Ltd. के कर्मचारी, कुछ लोक सेवक, बिचौलिए और अन्य सहयोगी शामिल थे, ने गोपनीय प्रश्नपत्र लीक कर भर्ती प्रक्रिया में व्यापक हेरफेर की। आरोप है कि अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए और इस अवैध कमाई से चल एवं अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

ED के अनुसार, हाकम सिंह रावत ने अभ्यर्थियों से लगभग ₹95 लाख प्राप्त किए। जांच में उनके बैंक खातों में घोषित आय से कहीं अधिक नकद जमा, आयकर रिटर्न में कृषि आय दिखाकर अवैध धन को वैध साबित करने की कोशिश तथा अन्य वित्तीय लेन-देन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं।

ED ने बताया कि 14 ठिकानों पर तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और नकदी बरामद हुई थी। वहीं, उत्तराखंड पुलिस की SIT द्वारा दाखिल कई चार्जशीटों में भी हाकम सिंह रावत और उसके सहयोगियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में पहले ही विशेष PMLA न्यायालय, देहरादून में अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुका है। एजेंसी का कहना है कि भर्ती घोटाले से जुड़े धन के स्रोत, लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है।