केंद्र ने राज्य सरकार पर कसा शिकंजा; IAS, IPS व IFS के ट्रांसफर CSB के माध्यम से करवाने के दिये निर्देश, मांगी वार्षिक ट्रांसफर आख्या, DOPT ने जारी किया आदेश !!

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सिविल सर्विसेज बोर्ड (सीएसबी) के गठन और उसके नियमित संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस संबंध में मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर सीएसबी की बैठकों और सिफारिशों से जुड़ी वार्षिक रिपोर्ट केंद्र को समय पर उपलब्ध कराने को कहा है।

डीओपीटी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यह निर्देश माननीय सुप्रीम कोर्ट के 31 अक्तूबर 2013 के आदेश के अनुपालन में जारी किए गए हैं। इसके तहत वर्ष 2014 में आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में संशोधन किया गया था, जो आईपीएस और आईएफएस पर भी समान रूप से लागू होते हैं।

नियम 7(1) के अनुसार, कैडर अधिकारियों की सभी नियुक्तियां सिविल सर्विसेज बोर्ड की सिफारिश पर ही की जाएंगी। वहीं, नियम 7(3) में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कैडर पद पर नियुक्त अधिकारी को न्यूनतम दो वर्ष तक उसी पद पर कार्य करना होगा। हालांकि पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, राज्य से बाहर प्रतिनियुक्ति या दो माह से अधिक की ट्रेनिंग की स्थिति में इसमें छूट का प्रावधान है।

इसके अलावा नियम 7(5) में यह भी व्यवस्था की गई है कि न्यूनतम कार्यकाल से पहले किसी कैडर अधिकारी का स्थानांतरण केवल सिविल सर्विसेज बोर्ड की सिफारिश पर ही किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को सीएसबी की बैठकों और सिफारिशों से संबंधित वार्षिक रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में केंद्र सरकार को भेजी जाए और उसे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए।

पत्र में राज्यों से सिविल सर्विसेज बोर्ड के गठन और उसके कार्य संचालन की अद्यतन स्थिति शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। केंद्र सरकार ने इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में फिलहाल IFS के होते हैं CSB से ट्रांसफर

उत्तराखंड में फिलहाल IFS अधिकारियों के तबादले CSB के माध्यम से होते हैं। जिसके तहत CSB बैठक के आहूत होने से 1 सप्ताह पूर्व बैठक की अधिसूचना जारी की जाती है। बैठक में मुख्यसचिव, प्रमुख सचिव वन, सचिव कार्मिक व HOFF हिस्सा लेते हैं। CSB बैठक में IFS अधिकारियों की नवीन तैनातियों को लेकर एक सूची को राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाता है। अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत तबादला सूची जारी कर दी जाती है।

संजीव चतुर्वेदी ने भी मांगी है RTI में जानकारी

मिली जानकारी के अनुसार चर्चित IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने भी उत्तराखंड शासन से IAS व IPS अधिकारियों के तबादले में अपनाई जा रही वर्तमान प्रक्रिया व CSB से जुड़े कुछ बिंदुओं पर RTI के तहत सूचना मांगी है। सूत्र बताते हैं कि जल्द इस विषय को लेकर संजीव हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।