भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के निर्देशों के तहत महालेखाकार (ऑडिट) उत्तराखंड कार्यालय ने ऑडिट कार्यप्रणाली में बदलाव करते हुए फील्ड ऑडिट को सीमित करने का निर्णय लिया है। जारी कार्यालय आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से परफॉर्मेंस ऑडिट, सब्जेक्ट स्पेसिफिक कम्प्लायंस ऑडिट और सर्टिफिकेशन/फाइनेंशियल ऑडिट को छोड़कर अन्य फील्ड ऑडिट नहीं किए जाएंगे।
महालेखाकार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यालय की ऑडिट रणनीति की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि अब ऑडिट प्रक्रिया में तकनीक और डाटा आधारित प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी और रिमोट व हाइब्रिड ऑडिट मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।
कार्यालय द्वारा जारी मिनट्स के अनुसार ऑडिट टीमों को पहले उपलब्ध डाटा (IFMS, E-TENDER व GEM से प्राप्त डाटा) का विश्लेषण करना होगा। आवश्यक होने पर ही महालेखाकार की अनुमति से फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।
इस प्रकरण पर CAG कार्यालय देहरादून का जब DOON MIRROR ने पक्ष जानना चाहा तो उच्च अधिकारी इससे बचते हुए नजर आए।





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