उत्तराखंड पुलिस विभाग में 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक के चयन वर्ष के दौरान PPS अधिकारियों के लिए पदोन्नतियों का बड़ा दौर देखने को मिल सकता है। इस अवधि में जहां पहली बार किसी PPS अधिकारी के 8900 ग्रेड पे तक पहुंचने की संभावना है, वहीं कई अधिकारी 8700 और 7600 ग्रेड पे पर पदोन्नत हो सकते हैं। इसके अलावा CO से Ad. SP तथा पुलिस उपाधीक्षक से ज्येष्ठ पुलिस उपाधीक्षक पद पर भी कई अधिकारियों के पदोन्नत होने के आसार हैं।
पहली बार किसी PPS अधिकारी को मिल सकता है 8900 ग्रेड पे –
इस चयन वर्ष में सबसे बड़ी संभावना प्रमोद कुमार के 8900 ग्रेड पे पर पदोन्नत होने की है। 8900 ग्रेड पे के लिए 8700 ग्रेड पे पर तीन वर्ष की सेवा आवश्यक होती है। वर्तमान में प्रमोद कुमार लगभग दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं। जनवरी 2027 में ढाई वर्ष की सेवा पूरी होने पर शिथिलीकरण नियमावली का लाभ मिलने की स्थिति में उन्हें 8900 ग्रेड पे पर पदोन्नति मिल सकती है। ऐसा होने पर उत्तराखंड में पहली बार कोई PPS अधिकारी इस ग्रेड पे तक पहुंचेगा।
8700 ग्रेड पे पर खुलेंगी रिक्तियां, तीन अधिकारियों को मिल सकता है लाभ, अशोक स्तंभ के साथ एक सितारा भी लगा सकेंगे –
वरिष्ठ PPS अधिकारी शाहजहां अंसारी और जगदीश चन्द्र के IPS पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद 8700 ग्रेड पे के दो पद तत्काल रिक्त हो जाएंगे। इन शुद्ध रिक्तियों के आधार पर मनोज कत्याल और रेनू लोहानी पदोन्नत होते हुए नजर आ रहे हैं।
इसके अलावा यदि जनवरी-फरवरी 2027 में प्रमोद कुमार 8900 ग्रेड पे पर पदोन्नत हो जाते हैं तो उनके रिक्त हुए पद के सापेक्ष उत्तम सिंह नेगी को भी इसी चयन वर्ष में 8700 ग्रेड पे का लाभ मिल सकता है।
7600 ग्रेड पे पर 2 से 5 अधिकारियों के पदोन्नत होने की संभावना –
7600 ग्रेड पे के लिए इस बार दो से पांच अधिकारियों के पदोन्नत होने की संभावना जताई जा रही है।
इस सूची में सबसे वरिष्ठ Ad. SP चक्रधर अंथवाल हैं, लेकिन उनका इसी माह अगस्त में सेवानिवृत्त होना प्रस्तावित है। यदि अगस्त में ही DPC हो जाती है तो उन्हें पदोन्नति मिल सकती है, हालांकि इसके लिए 12 वर्ष की PPS सेवा अनिवार्य है। वर्तमान परिस्थितियों में न तो समय से DPC होती दिख रही है और न ही बिना शिथिलीकरण के उनकी पात्रता पूरी होती नजर आ रही है।
इसके बाद शेखर सुयाल और कमला बिष्ट शुद्ध रिक्तियों के आधार पर 7600 ग्रेड पे के सबसे मजबूत दावेदार हैं। हालांकि इनके बैच की 12 वर्ष की सेवा अभी पूरी नहीं हुई है और लगभग 8 से 10 माह का समय शेष है। ऐसे में राज्य सरकार की शिथिलीकरण नियमावली का लाभ मिलने पर इनकी पदोन्नति लगभग तय मानी जा रही है।
इसी बैच के अभय कुमार सिंह और मनोज ठाकुर को भी इसी चयन वर्ष में पदोन्नति का लाभ मिल सकता है। शासन स्तर पर प्रस्तावित सेंटर ऑफ साइबर एक्सीलेंसी में 7600 ग्रेड पे का नया पद सृजित होने की प्रक्रिया चल रही है। यदि यह पद DPC से पहले सृजित हो जाता है तथा प्रमोद कुमार के 8900 ग्रेड पे पर जाने से नीचे की पूरी पदोन्नति श्रृंखला सक्रिय हो जाती है तो इन दोनों अधिकारियों को भी 7600 ग्रेड पे मिल सकता है।
CO से Ad. SP बनने की राह भी साफ –
ASP पद पर पदोन्नति की बात करें तो शुद्ध रिक्तियों के आधार पर CO वंदना वर्मा, अनुज कुमार और अनुज की DPC के माध्यम से ASP पद पर पदोन्नति लगभग तय मानी जा रही है।
वहीं वरिष्ठता सूची में इनके बाद आने वाले तपेश कुमार चन्द्र और संगीता की पदोन्नति आगामी रिक्तियों पर निर्भर करेगी। यदि अभय कुमार सिंह और मनोज ठाकुर को 7600 ग्रेड पे पर पदोन्नति मिलती है तो इनके लिए भी ASP बनने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
5 से 6 CO बन सकते हैं ज्येष्ठ पुलिस उपाधीक्षक (6600)
इस चयन वर्ष में पांच से छह CO के ज्येष्ठ पुलिस उपाधीक्षक पद पर पदोन्नत होने की संभावना है। शुद्ध रिक्तियों के आधार पर नीरज सेमवाल, अन्न राम आर्य, प्रशांत कुमार, निहारिका सेमवाल और सुरेंद्र प्रसाद बलूनी के पदोन्नत होने के आसार हैं।
यदि वरिष्ठ स्केल में नए पद सृजित होते हैं और ऊपर की सभी प्रस्तावित श्रृंखला पदोन्नतियां समय पर होती हैं तो संदीप नेगी और सुरेंद्र सिंह भंडारी को भी इसका लाभ मिल सकता है।
अगली रिपोर्ट में…
DOON MIRROR की आगामी रिपोर्ट में बताया जाएगा कि इस चयन वर्ष के दौरान सिविल, LIU और PAC कोटे से किन अधिकारियों के CO (पुलिस उपाधीक्षक) बनने की संभावना है और उनकी पदोन्नति का संभावित समय क्या रहेगा।

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