सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे व अतिक्रमण को मुक्त करने करने के लिए राज्य सरकार चलाने जा रही विशेष अभियान, सभी सरकारी जमीनों की होगी GEO मैपिंग, आदेश हुए जारी !!

राज्य सरकार ने सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि उनकी स्वामित्व वाली राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की जियो-रेफरेंसिंग कराकर अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड की जाए। यह पूरी प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी करनी होगी। साथ ही, इन परिसंपत्तियों पर हुए अतिक्रमण को रोकने और हटाने के लिए भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व अनुभाग-2 की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि गृह मंत्रालय के आयुध (संशोधन) नियमों के तहत पहले से जारी शासनादेशों के क्रम में यह कदम उठाया जा रहा है। शासन के अनुसार, कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 5 जनवरी 2026 को हुई सचिव समिति की बैठक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए। इसके तहत सभी विभागों को अपने-अपने विभाग से संबंधित भूमि और परिसंपत्तियों का विवरण शासन द्वारा विकसित वेब एप्लीकेशन/मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड करना होगा। इसके साथ ही उक्त परिसंपत्तियों की जियो-रेफरेंसिंग और सत्यापन भी तय समयसीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य किया गया है।

शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएं, ताकि 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जा सके। सभी प्रशासनिक विभागों को अपने विभागाध्यक्षों से प्रमाण पत्र प्राप्त कर यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित भूमि/परिसंपत्तियों की जियो-रेफरेंसिंग कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।

शासन ने साफ किया है कि यह मामला अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी रखने को कहा गया है।