DRDO-IRDE में आउटसोर्सिंग फर्जीवाड़े पर CBI का बड़ा एक्शन, MES अधिकारियों और फर्मों पर FIR दर्ज !!

CBI देहरादून ने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के दो अधिकारियों और तीन निजी फर्मों के संचालकों सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई रायपुर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के संस्थान ‘आईआरडीई’ (IRDE) परिसर में आउटसोर्स कर्मचारियों की फर्जी तैनाती दिखाकर सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में की गई है।

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान जेम (GeM) पोर्टल के तीन अनुबंधों के तहत आईआरडीई के सुरक्षित/प्रतिबंधित क्षेत्रों में मैनपॉवर तैनात की जानी थी। सीबीआई द्वारा 29 जून 2026 को किए गए औचक निरीक्षण और सुरक्षा गेट रजिस्टरों की जांच में पाया गया कि कई कर्मचारी कभी ड्यूटी पर आए ही नहीं।

विभिन्न 3 कंपनियों को अलॉट किये गए टेंडर के अनुसार 33 कर्मचारियों को IRDE में तैनात करना था, लेकिन असल मे IRDE में सिर्फ 4 ही कर्मचारी कार्यरत पाए गए बाकी सभी की फर्जी हाजरी लगाई जा रही थी।

कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के बावजूद एमईएस देहरादून के असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर साकेत कुमार और जूनियर इंजीनियर वीरेंद्र सिंह रावत ने हाजिरी रजिस्टर में उन्हें उपस्थित प्रमाणित किया। इस फर्जी सत्यापन के आधार पर ठेकेदारों के बिल पास किए गए और सरकारी खजाने से वेतन का भुगतान कराया गया।

सीबीआई की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस मिलीभगत से सरकार को कम से कम ₹18,43,334 का सीधा वित्तीय नुकसान हुआ है, जिसकी राशि जांच में आगे और बढ़ सकती है। मामले में इंजीनियर साकेत कुमार, जेई वीरेंद्र सिंह रावत, फर्म संचालक हर्षद कुमार महेरिया, पूजा, परवीन कुमार और बिचौलिए बाल कृष्ण छेत्री समेत अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) व 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच इंस्पेक्टर शरद चंद्र गुसाईं को सौंपी गई है।