तबादलों के बाद भी बदलावों की आहट, शासन से लेकर धरातल तक कुछ और कुर्सियों पर जल्द हो सकती हैं नई तैनातियां, यह है वजह !!

उत्तराखंड सरकार द्वारा शनिवार को किए गए बड़े स्तर के IAS व PCS अधिकारियों के तबादलों के बाद भी शासन और जिलों में प्रशासनिक फेरबदल का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। चर्चा है कि आगामी एक-दो दिनों में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि यह फेरबदल बड़े स्तर के नहीं होंगे, लेकिन कई महत्वपूर्ण पद रिक्त होने के चलते कार्मिक विभाग को इन पर नई तैनातियां करनी पड़ सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार निदेशक ITDA, प्रबंध निदेशक HILTRON, अपर सचिव पेयजल, अपर सचिव अल्पसंख्यक कल्याण, निदेशक स्वजल, ADM देहरादून, GM GMVN, सचिव मानवाधिकार आयोग और सचिव RERA जैसे पदों पर जल्द अधिकारियों की तैनाती की जा सकती है। शासन स्तर पर इन पदों को लेकर मंथन जारी है।

चर्चा यह भी है कि इस बार अपर सचिव पेयजल के पद पर जिस अधिकारी की तैनाती होगी, उसे ही MD पेयजल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा जा सकता है। यानी दोनों जिम्मेदारियां एक ही अधिकारी के पास रहेंगी। फिलहाल MD पेयजल का दायित्व सचिव पेयजल रणवीर चौहान संभाल रहे हैं।

वहीं शासन में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रमुख सचिव वित्त के अधीन कार्यरत दोनों सचिवों में से किसी एक से सचिव वित्त जो इन दिनों स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं उनका प्रभार किसी अन्य अधिकारी को दिया जा सकता है।

इधर, हरिद्वार महाकुंभ की तैयारियों को लेकर भी प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि मेलाधिकारी और गढ़वाल आयुक्त के एक ही बैच 2010 के होने से दोनों के बीच बेहतर समन्वय से कुंभ कार्यों में और तेजी आ सकती है। लेकिन समीक्षा संबंधित कार्यों में कठिनाई भी उतपन हो सकती है।

इसके अतिरिक्त कुछ जनपदों में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके SDM स्तर के अधिकारियों के भी तबादले किए जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत लंबे समय से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, वैसे-वैसे शासन में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इनमें सचिव गृह का पद भी प्रमुख माना जा रहा है। नियमानुसार विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान कोई भी अधिकारी सचिव मुख्यमंत्री और सचिव गृह दोनों प्रभार एक साथ नहीं देख सकता। ऐसे में चुनाव से पहले सचिव शैलेश बगौली से या तो सचिव मुख्यमंत्री का प्रभार हटाया जा सकता है अथवा गृह एवं कारागार विभाग की जिम्मेदारी अलग की जा सकती है।

वहीं निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर भी नियम स्पष्ट हैं। चुनाव की तिथियों की घोषणा के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन विभाग में तैनात IAS व PCS अधिकारियों के पास निर्वाचन कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागीय प्रभार नहीं रखे जा सकते। ऐसे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम से भी चुनाव अवधि के दौरान सचिव पशुपालन, मत्स्य व उच्च शिक्षा समेत अतिरिक्त प्रभार हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है।